एक कवि सम्मेलन में डॉ अरुण जैमिनी बता रहे थे कि अब बच्चे तो पैदा ही नही होते;बाप ही पैदा होते है। अपने हास्य अंदाज में वें नई नस्ल की बुद्धिमत्ता की बड़ाई कर रहे थे किन्तु मैं सोचने लगा कि क्या अभी इतने चतुर बच्चे पैदा होते हैं?क्या अतीत बुद्धिमान बालकों से खाली था। अतीत में झाँकते झाँकते में बहुत पीछे तक चला गया और उसमें ऐसे बहुत से ऐसे बच्चे दिखाई दिए जिन्होंने इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।उनमें से एक बच्चे की बुद्धिमत्ता के कुछ पहलू आप के समक्ष रख रहा हूँ। बहुत पुराने समय मे राजा उद्दालक का एक पुत्र था नचिकेता।राजा ने एक महायज्ञ किया जिसमें अपनी सारी सम्पत्ति दान कर दी। उस समय का सर्वश्रेष्ठ धन था गाय। राजा से सारी गाय दान कर दी । वे गाय भी जो बूढ़ी और जर्जर हो चुकी थी। दूध देने में असमर्थ थी। पाँच वर्षीय नचिकेता की बुद्धिमत्ता की प्रथम बानगी यहाँ देखिये। उसने इसका सीधे तौर पर विरोध न किया क्योंकि पिता से बात करने की मर्यादा भंग होने का खतरा था। उसने बुद्धिबल का प्रयोग किया और पिता से पूछा कि आप मुझे किसे दान देंगे? पिता समझ न पाए कि बालक कहना चाहता है जब आप दान देते समय केवल स...